भोपाल, संवददाता – राजधानी के टी.टी. नगर (माता मंदिर क्षेत्र) स्थित पाल समाज श्री कृष्ण गोवर्धन मंदिर में जीर्णोद्धार उपरांत चल रहे तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन आज 16 जुलाई को श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ सुबह से ही वैदिक विद्वानों और आचार्यों द्वारा बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। कलश यात्रा की ऐतिहासिक भव्यता के बाद, आज दूसरे दिन प्रातः 9 बजे से मुख्य यजमानों और समाज के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति में देवताओं का विशेष पूजन-अर्चन प्रारंभ हुआ, जिसके अंतर्गत प्रख्यात आचार्यों के सानिध्य में भगवान की प्रतिमाओं के लिए पंच-अधिवास के शास्त्रीय विधान पूरे किए गए, जिनमें मुख्य रूप से अन्नाधिवास, फलाधिवास, शकराधिवास, पुष्पाधिवास और शय्याधिवास अनुष्ठान शामिल रहे। इन सभी पवित्र वैदिक प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद दोपहर और संध्याकाल में भगवान की विशेष महाआरती की गई, जिसमें पाल, बघेल, धनगर, यादव, ग्वाला, गुर्जर, घोषी, चौधरी, गायरी, भारूड़ और गवली समाज सहित सर्व-समाज के हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह बघेल एवं मीडिया प्रभारी भानु प्रताप सिंह पाल (पत्रकार) ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि यह भव्य आयोजन संपूर्ण सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता की एक अनोखी मिसाल पेश कर रहा है। उन्होंने आगामी और अंतिम दिन के मुख्य आकर्षणों को साझा करते हुए बताया कि कल, 17 जुलाई (शुक्रवार) को महोत्सव का सबसे मुख्य दिन होगा, जिसमें सुबह 8:30 बजे से देवताओं के विशेष पूजन के साथ ‘सहस्त्रधारा महाअभिषेक’ और फिर भगवान की दिव्य प्रतिमाओं का ‘नगर भ्रमण’ (भव्य शोभायात्रा) निकाला जाएगा। इसके ठीक बाद दोपहर 2:00 बजे प्राण-प्रतिष्ठा हवन की पूर्णाहुति एवं महाआरती संपन्न होगी, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर सहित कई वीआईपी और संतों के शामिल होने की पूरी संभावना है, जिसके तुरंत बाद दोपहर 2:30 बजे से विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का शुभारंभ होगा, जिसमें शामिल होने के लिए समिति ने भोपाल के समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से सपरिवार पधारने की अपील की है।




