इंदौर के वीआईपी रोड स्थित दलालबाग में रविवार से दो दिवसीय जैन महिला महाकुंभ की शुरुआत हुई। देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंची सैकड़ों महिलाओं ने आयोजन में हिस्सा लिया। एक जैसी वेशभूषा में शामिल मातृशक्ति ने विभिन्न सामाजिक और समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया।
महिला अधिवेशन में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि इंसान दुनिया को अपनी इच्छा के अनुसार नहीं चला सकता, लेकिन अपना आचरण कैसा रखना है, इसका निर्णय व्यक्ति स्वयं कर सकता है। वक्ताओं ने परिवार और समाज में संस्कारों के निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर भी जोर दिया।
विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन में उत्साह का माहौल बनाया। महिला महाकुंभ में महिलाओं से जुड़े समसामयिक और ज्वलंत विषयों पर भी विचार मंथन किया गया।
संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के साथ नई पीढ़ी को संस्कारित करने की दिशा में संवाद को बढ़ावा देना है। आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से बड़ी संख्या में जैन समाज की महिलाएं शामिल हुई हैं।
महिला महाकुंभ का समापन 5 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इस अवसर पर शहर में चल समारोह भी निकाला जाएगा, जिसमें विभिन्न राज्यों की संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।




