छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के दूसरे चरण में प्रदेश के 8 जिलों के करीब 4,500 गांवों को बस सेवा से जोड़ने की तैयारी है। इससे बालोद और गरियाबंद से लेकर रायगढ़ और कोरबा तक बड़ी संख्या में ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
नई बस सेवाओं के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जिला मुख्यालय, ब्लॉक मुख्यालय, बाजार, अस्पताल, शिक्षण संस्थानों और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में सहूलियत होगी। खासतौर पर ऐसे गांवों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा, जहां नियमित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा सीमित है।
8 जिलों के गांवों को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के विस्तार के तहत करीब 4,500 अतिरिक्त गांवों को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य है। योजना के दूसरे चरण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की दूरी कम होने के साथ रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
सरकार का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर है, ताकि गांवों के लोगों को निजी वाहनों या महंगे साधनों पर निर्भरता कम करनी पड़े।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी रफ्तार
बस सेवा का विस्तार केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। बेहतर परिवहन सुविधा से किसान अपनी उपज बाजार तक आसानी से पहुंचा सकेंगे, वहीं विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए रोजाना आवागमन आसान होगा।
बालोद-गरियाबंद से रायगढ़-कोरबा तक ग्रामीण बस नेटवर्क के विस्तार से हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। योजना के दूसरे चरण के पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़ के दूरदराज के गांव भी सार्वजनिक परिवहन के मजबूत नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।




