
रायपुर। एम्स की छात्रा साक्षी दुबे की आत्महत्या मामले में लल्लूराम डॉट कॉम की खबर का बड़ा असर हुआ है. खुदकुशी मामले में लल्लूराम डॉट कॉम ने खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया और सवाल उठाए थे. इसके बाद अब रायपुर एम्स प्रबंधन कार्रवाई करता दिख रहा है. साक्षी दुबे आत्महत्या मामले में एम्स ने जांच के लिए टीम गठित की है, लेकिन प्रबंधन कई महत्वपूर्ण जानकारियां छुपा रहा है, जिससे कई संदेह पैदा हो रहे हैं. प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं. जानकारी के मुताबिक HOD डॉ. नरेंद्र बोदे के खिलाफ इंटरनल जांच शुरू हो गई है. डॉ. बोदे के खिलाफ 3 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है. पूरे मामले की जांच गुप्त रूप से चल रही है, लेकिन मीडिया से कई महत्वपूर्ण जानकारियां छुपाई जा रही है. PRO शिव शंकर शर्मा ने जांच की पृष्टि की है, लेकिन कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है. जानिए क्या बोली बहन शिवांगी दुबे साक्षी की बड़ी बहन शिवांगी दुबे ने बताया कि 5 तारीख को एम्स प्रबंधन का कॉल आया था. उन्होंने कहा कि आप आकर साक्षी की सारी शिकायत दर्ज करवा दीजिए. जिसके बाद हम जांच कर एचओडी बोदे पर एक्शन लेंगे. हमारा परिवार जल्द ही रायपुर एम्स आने वाला है. साक्षी की मौत महज एक आत्महत्या नहीं…इसके पहले साक्षी दुबे आत्महत्या मामले में एम्स का घेराव करने भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता पहुंचे थे. कार्यकर्ताओं ने लल्लूराम डॉट कॉम का आभार जताते हुए कहा कि आपके माध्यम से पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली है. हमें मीडिया से जो ताकत मिली उससे हम परिजनों को न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे. साक्षी की मौत महज एक आत्महत्या नहीं है. यह एक हत्या है. मामले में एम्स प्रबंधन ने लापरवाही बरती है. इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. इसके पहले इस मामले में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. धरमलाल कौशिक ने कहा कि छात्रा साक्षी दुबे का सुसाइड करना बेहद गंभीर मामला है. इस मामले में सरकार को संज्ञान लेना चाहिए. उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए. ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके. छात्रा का ऐसा कदम उठाना गंभीर मामला है. इस मामले में जांच कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. पुलिस विभाग ने संज्ञान लिया था. पुलिस ने HOD नरेंद्र कुमार बोधे को नोटिस जारी कर थाना तलब किया था. पुलिस ने कहा था कि साक्षी दुबे के खुदकुशी के मामले में छात्रों से पूछताछ की जा रही है. भविष्य में जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. साक्षी दुबे सुसाइड केस में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा था कि यदि इस मामले में FIR दर्ज नहीं हुई है, तो हम इस मामले को संज्ञान में ले सकते हैं. अगर उनके परिजन हमारे पास आवेदन करते हैं, तो हम उस केस की सुनवाई करेंगे, क्योंकि हमारे पास उसकी पूरी जानकारी अभी नहीं है. दरअसल, 5 जुलाई को AIIMS में पढ़ रही छात्रा साक्षी दुबे की फांसी पर लटकी लाश मिली थी. हॉस्टल के कमरे में सीलिंग फैन से फंदे पर उसका शव झूलता मिला था. बिलासपुर के जोरापारा में रहने वाली साक्षी रायपुर एम्स में बीएससी पैरामेडिकल की स्टूडेंट थी. वह रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में प्रथम वर्ष में पढ़ रही थी. वे एम्स परिसर के नर्सिंग हॉस्टल में 6 महीने से रह रही थी, लेकिन किसी कारणवश वह मौत को गले लगी ली. मामले में छात्रा साक्षी दुबे के परिजनों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी, ताकि साक्षी को इंसाफ मिल सके.


