
भगवान शंकर के भक्तों को बेसब्री से 11 मार्च का इंतजार है। उस दिन पूरे देश में धूमधाम से महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। उस दिन देवाधिदेव महादेव भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, उस दिन विशेष योग बन रहा है और हर भक्त के पास अपने इस जीवन में जाने-अंजाने हुए पापों से मुक्ति पाने का बड़ा मौका है। इसका उपाय भी बहुत आसान है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. गिरिजा शंकर शास्त्री कहते हैं, महाशिवरात्रि पर दिन-रात्रि जागरण का विशेष महत्व है। इस पर्व की महिमा ईशान संहिता (Ishaan Samhita) में विस्तार से बताई गई है। ईशान संहिता में लिखा गया है कि इस दिन व्रत रखें और भगवान शिव को अंजलि-भर जल तथा बेलपत्र अर्पित करें। इससे मनुष्य के समस्त पापों का शमन होता है। साथ ही वह भुक्ति सहित मुक्ति का अधिकारी हो जाता है। यह पर्व योगियों को परम तत्व तथा भक्तों को शिवसायुज्य देने वाला है। 11 मार्च को दिन में नौ बजकर 28 मिनट तक शिव योग रहेगा। यह कल्याणप्रद एवं सफलतादायक योग है।
